किसानो के लिए ऑनलाइन बाजार


फ्लिपकार्ट, एमेझोन, स्नॅपडील यह ओनलाईन बिक्री करनेवाली वेबसाइट्स मार्केटप्लेस के आधार पर काम करती है। इसका मतलब है की असली सामान बेचनेवाला कोई और ही होता है । यह बिक्रेता इन वेबसाइटोका उपयोग केवल एक  स्वरूप में करता है । ऊपर दिए गए साइटोंपर जब हम शॉपिंग करते है तब असल में हम बाजार मई मौजूद कुछ बिक्रेताओंसे सामान खरीदते है । फ्लिपकार्ट, एमेझोन, स्नॅपडील सिर्फ आर्डर लेने का और कभी कबार सामान को ग्राहक तक पहुंचाने का काम करते है ।

ऐसाही एक ऑनलाइन बाजार अभी भारतीय पोस्ट  विभागने शुरू किया है । और यह ऑनलाइन बाजार बनाया है किसानो के लिए । भारतीय डाक विभाग के इस नयी  योजना के तहत किसानोको अनाज, कपास तथा अन्य खेतमाल को डायरेक्ट व्यापारीयोको बेचना मुमकिन होगा। किसानों को इस के जरिये बिक्री करने के लिए कोई पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा।

हर गाव के लिए एक पोस्टमास्टर नामजद किया जाएगा । यह पोस्टमास्टर  अनाज के बारे में जानकारी फोटोके सहित एक वेबसाइटपर भरेगा और उसके बाद लिखी गयी जानकारी देखके थोक व्यापारी मनचाहे किसानसे अनाज खरीद लेंगे । अनाज की कीमत तय करने का अधिकार किसान का होगा । इसप्रकार अनाज बेचनेके लिए किसानको कोई भी खर्चा नहीं उठाना पडेगा । किंतु व्यापारीयोंको कुछ रकम डाक विभाग को कमीशन के तौर पे देना जरूरी होगा । इस पुरे सौदेमे किसानके पाससे अनाज लेकर उसे ग्राहक तक पहुंचाने की जिम्मेदारी डाक विभाग की होगी।

फिलहाल इस परियोजना को अभ्यास के तौर पर (Pilot Project) तेलंगाना और आंध्र प्रदेश इन राज्यों में शुरू किया गया है।  इस प्रोजेक्टकी सफलता   के अनुसार इस परियोजना को अन्य राज्यों में भी शुरू किया जाएगा।  आजकल इंटरनेट, मोबाईल तथा ईमेल की वजहसे भारतीय डाक विभाग खुद अपने अस्तित्व के लड़ रहा है। और इसी प्रयत्न में डाक विभाग नयी नयी योजनाये ला रहा है यह बहुत ही प्रशंसा की बात है ।

प्रधानमंत्रीजीने जो "डिजीटल इंडिया" का नारा लगाया है वो तभी सफल होगा जब डिजीटल इंडिया के फायदे "फिजिकल भारत" को मिलेंगे ।

 [स्त्रोत]

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